राजस्थान कृषि: परिचय
राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य की लगभग 62% से 65% जनसंख्या आजीविका के लिए कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर निर्भर है। राजस्थान की कृषि मुख्य रूप से वर्षा आधारित है, राज्य में शुद्ध बोए गए क्षेत्र का लगभग 35% से 38% भाग ही सिंचित है (जो पहले 30% था, वह इंदिरा गांधी नहर, चम्बल परियोजना और ट्यूबवेल विस्तार के कारण बढ़ा है)। राज्य में विविध फसल प्रणाली है जिसमें खाद्यान्न, नकदी फसलें, बागवानी और दलहन शामिल हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
कृषि योग्य भूमि: 1.82 करोड़ हेक्टेयर
सिंचित क्षेत्र: 35% - 38%
कृषि पर निर्भर जनसंख्या: 62%
प्रमुख फसलें: बाजरा, सरसों, गेहूं, चना, मक्का
कृषि विकास दर: 4.76% (CAGR)
कृषि GSVA योगदान: 26.92% (लगभग 27%)
राजस्थान की फसल प्रणाली
राजस्थान में विविध जलवायु और मिट्टी के प्रकारों के कारण विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। राज्य की कृषि को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: खरीफ, रबी और जायद फसलें।
खरीफ फसलें
बारिश के मौसम में उगाई जाने वाली फसलें
उदाहरण: बाजरा, मक्का, मूंगफली, कपास
बोआई: जून-जुलाई
कटाई: सितंबर-अक्टूबर
रबी फसलें
सर्दियों में उगाई जाने वाली फसलें
उदाहरण: गेहूं, चना, सरसों, जौ
बोआई: अक्टूबर-नवंबर
कटाई: मार्च-अप्रैल
जायद फसलें
गर्मियों में उगाई जाने वाली फसलें
उदाहरण: तरबूज, खरबूजा, ककड़ी
बोआई: मार्च-अप्रैल
कटाई: जून-जुलाई
फसल उत्पादन आँकड़े (2023-24)
- गेहूं: 106.4 लाख टन
- बाजरा:37.8 लाख टन
- सरसों: 54.8 लाख टन
- मक्का: 20.8 लाख टन
- चना: 18.5 लाख टन
- कपास: 26.2 लाख गांठें
फसल उत्पादन आँकड़े (2022-23)
- गेहूं: 113.2 लाख टन (113.21 LMT)
- बाजरा: 41.7 लाख टन (41.71 LMT)
- सरसों: 58.1 लाख टन (58.11 LMT)
- मक्का: 22.5 लाख टन (22.52 LMT)
- चना: 19.8 लाख टन (19.84 LMT)
- कपास: 27.1 लाख गांठें (27.13 Lakh Bales)
प्रमुख फसल उत्पादन क्षेत्र
राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट फसलें उगाई जाती हैं जो वहां की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल हैं।
खाद्यान्न फसलें
गेहूं: गंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा
बाजरा: जोधपुर, नागौर, बीकानेर
मक्का: उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़
जौ: अलवर, भरतपुर, धौलपुर
नकदी फसलें
- सरसों: अलवर, भरतपुर, श्रीगंगानगर
- कपास: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़
- गन्ना: श्रीगंगानगर, कोटा
- तंबाकू: अलवर, भरतपुर
फसल विविधीकरण
बागवानी फसलें: संतरा, अनार, आम
दलहन फसलें: चना, मूंग, मोठ
मसाले: धनिया, मेथी, जीरा
औषधीय पौधे: एलोवेरा, ग्वारपाठा
तिलहन: मूंगफली, तिल, सोयाबीन
सिंचाई सुविधाएं
राजस्थान में सिंचाई के लिए नहरों, कुओं, नलकूपों और तालाबों का उपयोग किया जाता है। राज्य में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कृषि विकास की कुंजी है।
सिंचाई के स्रोत
- नहर सिंचाई: 24% - 27% सिंचित क्षेत्र
- कुंए/नलकूप: 67% - 70% सिंचित क्षेत्र
- तालाब/बावड़ी: 1% से भी कम (~0.7%) सिंचित क्षेत्र
- वर्षा आधारित: 62% - 65% कुल क्षेत्र
- अन्य स्रोत: 2% सिंचित क्षेत्र
प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं
- इंदिरा गांधी नहर परियोजना (राजस्थान की मरुगंगा)
- भाखड़ा नांगल परियोजना
- चंबल परियोजना
- माही बजाज सागर परियोजना
- जाखम परियोजना [सबसे ऊँचा बांध (81 मीटर)]
कृषि जलवायु क्षेत्र
राजस्थान को कृषि के दृष्टिकोण से 10 जलवायु क्षेत्रों में बांटा गया है, जिनकी अपनी विशेषताएं और फसल प्रणालियाँ हैं।
| ज़ोन कोड | कृषि-जलवायु क्षेत्र का नाम | शामिल प्रमुख जिले (नए जिलों सहित) | औसत वार्षिक वर्षा | प्रमुख फसलें (खरीफ व रबी) |
|---|---|---|---|---|
| I a | शुष्क पश्चिमी मैदानी क्षेत्र | बाड़मेर, जोधपुर (ग्रामीण), जोधपुर, बालोतरा | 20 - 37 सेमी | बाजरा, मोठ, ग्वार, तिल |
| I b | उत्तर-सिंचित मैदानी क्षेत्र | श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अनूपगढ़ | 10 - 30 सेमी | ग्वार, कपास, गेहूं, सरसों |
| I c | अति शुष्क आंशिक सिंचित क्षेत्र | जैसलमेर, बीकानेर, चुरू, फलोदी (क्षेत्रफल में सबसे बड़ा) | 10 - 35 सेमी | बाजरा, ग्वार, चना, सरसों |
| II a | अन्तर्प्रवाही शुष्क क्षेत्र | नागौर, सीकर, झुंझुनू, डीडवाना-कुचामन, नीमकाथाना | 30 - 50 सेमी | बाजरा, ग्वार, मूंग, सरसों |
| II b | लूनी नदी का मैदानी क्षेत्र | जालोर, पाली, सिरोही, सांचौर | 30 - 50 सेमी | बाजरा, ग्वार, ईसबगोल, अरंडी |
| III a | अर्द्ध-शुष्क पूर्वी मैदानी क्षेत्र | जयपुर, अजमेर, टोंक, दौसा, दूदू, ब्यावर, केकड़ी | 50 - 60 सेमी | बाजरा, गेहूं, सरसों, जौ |
| III b | बाढ़ सम्भाव्य पूर्वी मैदानी क्षेत्र | अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, डीग, खैरथल | 50 - 70 सेमी | बाजरा, सरसों, गेहूं, ग्वार |
| IV a | अर्द्ध-आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र | उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, सलूंबर | 50 - 90 सेमी | मक्का, ज्वार, गेहूं, चना |
| IV b | आर्द्र दक्षिणी मैदानी क्षेत्र | बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ (क्षेत्रफल में सबसे छोटा) | 70 - 110 सेमी | मक्का, धान (चावल), गेहूं |
| V | आर्द्र दक्षिणी-पूर्वी मैदानी क्षेत्र | कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ (हाड़ौती क्षेत्र) | 65 - 100 सेमी | सोयाबीन, कपास, संतरा, गेहूं |
कृषि नीतियां और योजनाएं
2022
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
2018
किसान समृद्धि योजना की शुरुआत
2015
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लागू
2013
राजस्थान की पहली कृषि नीति
2010
मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू
2007
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) लागू
1998
किसान क्रेडिट कार्ड योजना
प्रमुख कृषि योजनाएं
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
- परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY)
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
- मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना
- राजस्थान सौर कृषि आजीविका योजना (PM-KUSUM योजना - कम्पोनेंट B & C)
- राजस्थान जैविक खेती मिशन (Rajasthan Organic Farming Mission)
- किसान उत्पादक संगठन (FPOs - Farmer Producer Organizations)
कृषि उत्पादन और आँकड़े
| फसल श्रेणी | उत्पादन (लाख टन) | क्षेत्रफल (लाख हेक्टेयर) | उत्पादकता (क्विंटल/हेक्टेयर) | भारत में राज्य की रैंक (Rank in India) |
|---|---|---|---|---|
| खाद्यान्न (Total Foodgrains) | 267.6 | 277.2 | 9.65 | 4 (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब के बाद) |
| तिलहन (Total Oilseeds) | 96.1 | 61.4 | 15.65 | 1 / 2 (सरसों में नंबर-1, कुल तिलहन में MP के साथ कड़ी टक्कर) |
| दलहन (Total Pulses) | 48.2 | 59.3 | 8.12 | 1 (मध्य प्रदेश को पछाड़कर देश में शीर्ष पर) |
| कपास (Cotton) | 18.4 (लाख गांठें) | 6.4 | 4.88 (गांठ/हे.) | 4 (गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के बाद) |
| गन्ना (Sugarcane) | 3.9 | 0.05 | 780.0 | नगण्य (उत्पादन बेहद कम, मुख्य रूप से बूंदी-चित्तौड़गढ़ में) |
| बागवानी (Horticulture) | 44.5 | 18.2 | 24.45 | शीर्ष 10 में (धनिया, जीरा, मेथी और इसबगोल उत्पादन में नंबर-1) |
कृषि विकास के लक्ष्य
2030 तक कृषि विकास दर 6% करना
सिंचित क्षेत्र को 50% तक बढ़ाना
जैविक खेती को 20% क्षेत्र तक विस्तार
फसल उत्पादकता में 50% वृद्धि
किसान आय को दोगुना करना
राजस्थान कृषि: परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
महत्वपूर्ण तथ्य संग्रह
राजस्थान में कुल कृषि योग्य भूमि: 1.82 करोड़ हेक्टेयर
सबसे अधिक सिंचित क्षेत्र वाला जिला: श्रीगंगानगर
सबसे कम सिंचित क्षेत्र वाला जिला: जैसलमेर
राज्य की सबसे लंबी नहर: इंदिरा गांधी नहर (IGNP)
सबसे अधिक बाजरा उत्पादक जिला: अलवर (क्षेत्रफल में बाड़मेर)
सबसे अधिक सरसों उत्पादक जिला: भरतपुर
राज्य का प्रथम कृषि विश्वविद्यालय: स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर